श्री श्री लक्ष्मी नारायण ट्रस्ट महिला महाविद्यालय, धनबाद में महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस–2026 का आयोजन उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया।
यह आयोजन राज्यपाल सचिवालय, झारखंड, राँची; विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC); तथा झारखंड सरकार, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आलोक में आयोजित किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन का प्रमुख संदेश “एक घंटा खेल के मैदान में” है। साथ ही “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समाज के सभी वर्गों को खेल तथा फिटनेस गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर ध्यानचंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शर्मिला रानी ने कहा कि खेल हमारे जीवन में अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और आत्मविश्वास विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्राओं एवं शिक्षकों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में सहभागिता करने का आह्वान किया।
प्रो. विमल मिंज ने कहा कि खेल स्वस्थ शरीर के साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना का विकास करता है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक छात्रा खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाए। साथ ही साथ उन्होंने मेजर ध्यानचंद के जीवन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन खेल प्रभारी डॉ. कविता धीरहे ने किया श्री श्री लक्ष्मी नारायण ट्रस्ट महिला महाविद्यालय, धनबाद में महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस–2026 का आयोजन उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया।
यह आयोजन राज्यपाल सचिवालय, झारखंड, राँची; विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC); तथा झारखंड सरकार, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आलोक में आयोजित किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन का प्रमुख संदेश “एक घंटा खेल के मैदान में” है। साथ ही “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समाज के सभी वर्गों को खेल तथा फिटनेस गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर ध्यानचंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शर्मिला रानी ने कहा कि खेल हमारे जीवन में अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और आत्मविश्वास विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्राओं एवं शिक्षकों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में सहभागिता करने का आह्वान किया।
प्रो. विमल मिंज ने कहा कि खेल स्वस्थ शरीर के साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना का विकास करता है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक छात्रा खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाए। साथ ही साथ उन्होंने मेजर ध्यानचंद के जीवन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन खेल प्रभारी डॉ. कविता धीरहे ने किया .
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्राओं एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को खेल भावना एवं फिटनेस को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के संदेश के साथ हुआ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्राओं एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को खेल भावना एवं फिटनेस को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के संदेश के साथ हुआ।
