आज दिनांक 09/06/26 को एस.एस.एल.एन.टी. महिला महाविद्यालय, धनबाद में महान स्वतंत्रता सेनानी, आदिवासी समाज के महानायक एवं जननायक बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्राचार्या, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्राओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्राचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन, सामंती शोषण एवं सामाजिक अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज में स्वाभिमान, आत्मसम्मान और जागरूकता का संचार किया।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का प्रसिद्ध उद्घोष “अबुआ राज एते जाना, महारानी राज टुंडू जाना” अर्थात “अपना राज आएगा, रानी (ब्रिटिश शासन) का राज जाएगा” आज भी स्वतंत्रता, स्वाभिमान और न्याय की प्रेरणा देता है।
इसके साथ ही उनका उद्घोष “अबुआ दिशुम, अबुआ राज” (हमारा देश, हमारा शासन) स्वशासन और आत्मनिर्णय की भावना का प्रतीक है। उन्होंने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए व्यापक जनजागरण चलाया। बिरसा मुंडा द्वारा संचालित उलगुलान (महाविद्रोह) केवल एक आंदोलन नहीं था, बल्कि शोषण, अन्याय और दमन के विरुद्ध जनचेतना का एक ऐतिहासिक अभियान था।
प्रो. इंचार्ज विमल मिंज ने बिरसा मुंडा के जीवन, उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान तथा आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए उनके संघर्षों से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा सामाजिक न्याय, समानता एवं मानवता के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
