राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता अभियान के तहत एस.एस.एल.एन.टी महिला महाविद्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसमें मुख्य अतिथि एस.एन.एम्.एम्.सी.एच मेडिकल कॉलेज के डॉ. (प्रो०) धर्मेंद्र कुमार उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. शर्मिला रानी के द्वारा डॉ. (प्रो०) धर्मेंद्र कुमार को पौधे का गमला प्रदान कर किया गया इसके उपरांत प्राचार्या ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए अपनी नेत्रदान करने की इच्छा जाहिर की और छात्राओं को भी नेत्र-दान क्यों करना चाहिए इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इसके उपरांत डॉ. (प्रो०) धर्मेंद्र कुमार ने कार्यक्रम का संबोधन करते हुए नेत्रदान को महादान बताया और नेत्रदान के महत्व को समझाते हुए उन्होंने नेत्रदान कब कैसे और क्यों कर सकते हैं इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी है I
उन्होंने नेत्रहीन जनसँख्या का प्रतिशत बताया ओर कॉर्नियल अंधापन कैसे मुख्य रूप से बच्चो ओर उन वयस्कों को प्रभावित करता है जिनके सामने लम्बा जीवन है I
नेत्रदान करने के क्या-क्या नियम व् शर्ते हो सकते हैं इसके बारे में भी बताया उन्होंने नेत्रदान से संबंधित मिथक की भी विस्तृत जानकारी दी इसके उपरांत प्राचार्या डॉ. शर्मिला रानी के साथ सभी शिक्षक शिक्षिका तथा छात्राओं ने नेत्रदान की शपथ ली तथा मेडिकल कॉलेज से आये हुए कार्यकर्त्ता के द्वारा नेत्रदान बंधक पत्र सभी छात्राओं और शिक्षकों के बीच बांटा गया।
प्राचार्या डॉ. शर्मिला रानी के साथ पांच छात्राओं ने तुरंत नेत्रदान बंधक फॉर्म भरकर जमा किया तथा नेत्रदान से संबंधित अपनी भागीदारी सुनिश्चित की I
कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस यूनिट 1 डॉ मोनालिसा साहा के द्वारा प्राचार्या डॉ. शर्मिला रानी के निर्देशन में किया गया| इस कार्यक्रम में प्रो०-इन- चार्ज- 1 श्री विमल मिंज, डॉ कविता धीरे, डॉ. सुजाता मिश्रा, डॉ धीरज मिश्रा समेत सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं तथा भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित थी I
